शिक्षा व्यवस्था में सुधार - क्या स्कूल-कॉलेज में लागू होंगे ये 5 बड़े फैसले?

शिक्षा व्यवस्था में सुधार - क्या स्कूल-कॉलेज में लागू होंगे ये 5 बड़े फैसले?

General Education News: भारतीय शिक्षा व्यवस्था में सुधारों के मामले में साल 2026 एक टर्निंग पॉइंट साबित होने की उम्मीद है। चाहे आप एक छात्र, अभिभावक या शिक्षक हैं, तो आपको एजुकेशन सिस्टम में होने वाले इन पांच बड़े बदलावों के बारे में पता होना चाहिए जिन्हें 2026-27 एकेडमिक पीरियड में लागू किया जा सकता है।

भारत सरकार की नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत, स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा व्यवस्था में 5 ऐसे सुधार किए जा रहे हैं, जो रट्टा मार पढ़ाई (Rote Learning) को खत्म कर स्किल-बेस्ड लर्निंग पर आधारित है।

1. CBSE Board Exam Reforms 2026: साल में दो बार होंगी बोर्ड परीक्षाएं

स्कूली शिक्षा 2026 में सबसे बड़ा बदलाव बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन को लेकर है। शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, CBSE Class 10 & 12 Board Exams साल में दो बार आयोजित किए जा सकते हैं।

  • मुख्य उद्देश्य: छात्रों पर से बोर्ड परीक्षा का मानसिक तनाव कम करना।

  • कैसे काम करेगा: पहली परीक्षा फरवरी में और दूसरी मई में होगी।

  • बेस्ट स्कोर का विकल्प: छात्र दोनों परीक्षाओं में बैठ सकते हैं और जिस परीक्षा में ज्यादा अंक आएंगे, उसे ही फाइनल माना जाएगा।

आधिकारिक अधिसूचना: CBSE/CE/2-Board Examinations-X/2025

2. कक्षा 3 से 'AI और Computational Thinking' अनिवार्य विषय

डिजिटल इंडिया के विजन को आगे बढ़ाते हुए, सत्र 2026-27 से भारत के सभी स्कूलों में Artificial Intelligence (AI) को कक्षा 3 से एक अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया जा सकता है। इसके तहत कोडिंग और लॉजिकल थिंकिंग को प्राथमिक स्तर से ही सिखाया जाएगा।

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3. नया करिकुलम और 9वीं-12वीं की नई NCERT किताबें

NCERT द्वारा तैयार किया गया नया नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) अब पूरी तरह लागू होने के करीब है। 2026 में कक्षा 9 से 12 तक की नई किताबें पेश की जाएंगी, जिनमें थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल और केस स्टडीज पर जोर दिया जाएगा।

4. शिक्षक शिक्षा में 1-Year B.Ed की वापसी

NCTE (National Council for Teacher Education) के अनुसार, सत्र 2026-27 से एक वर्षीय बी.एड (1-Year B.Ed) प्रोग्राम फिर से शुरू किया जाएगा। यह उन छात्रों के लिए होगा जिन्होंने 4 साल की स्नातक डिग्री या पोस्ट-ग्रेजुएशन पूरी कर ली है।

5. उच्च शिक्षा में 'मल्टीपल एंट्री और एग्जिट'

2026 तक कॉलेज स्तर पर Academic Bank of Credits (ABC) को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया जाएगा।

  • फायदा: यदि कोई छात्र एक साल बाद कॉलेज छोड़ता है तो उसे 'सर्टिफिकेट' मिलेगा। छात्र अपने क्रेडिट्स को डिजिटल लॉकर में सुरक्षित रख सकेंगे और भविष्य में वहीं से पढ़ाई शुरू कर पाएंगे।

स्पष्ट रूप से समझने के लिए ABC आधिकारिक पोर्टल (https://www.abc.gov.in/resources.php) पर वीडियो देखें

लागू करने में चुनौतियां

इन बदलावों को लागू करना जितना प्रभावशाली दिखता है, जमीनी स्तर पर उतना ही चुनौतीपूर्ण भी है। सबसे बड़ी बाधा डिजिटल कनेक्टिविटी है।

भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी हाई-स्पीड इंटरनेट और कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर की कमी है, जिससे 'AI शिक्षा' जैसे विषयों को समान रूप से लागू करना मुश्किल होगा।

इसके अलावा, करोड़ों शिक्षकों को नई तकनीक के लिए प्रशिक्षित करना और साल में दो बार बोर्ड परीक्षा के लिए लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था करना एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती होगी।

सारांश

क्षेत्र बदलाव का नाम संभावित तिथि
स्कूल बोर्ड साल में 2 बार परीक्षा (CBSE) फरवरी-मई 2026
तकनीक AI करिकुलम (कक्षा 3 से) सत्र 2026-27
पाठ्यपुस्तक 9वीं-12वीं की नई NCERT किताबें मार्च 2026
शिक्षक शिक्षा 1-Year B.Ed/M.Ed प्रोग्राम सत्र 2026-27
उच्च शिक्षा मल्टीपल एंट्री-एग्जिट (ABC) जून 2026 तक

निष्कर्ष (Conclusion)

साल 2026 भारतीय शिक्षा व्यवस्था के इतिहास में "स्मार्ट एजुकेशन" का साल होगा। इन बदलावों से न सिर्फ़ स्टूडेंट्स की लर्निंग बेहतर होगी, बल्कि उन्हें नए एजुकेशन स्टैंडर्ड्स को अपनाने में भी मदद मिलेगी।


Disclaimer: यह लेख वर्तमान सरकारी नीतियों और सार्वजनिक सूचनाओं पर आधारित है। आधिकारिक अपडेट के लिए कृपया education.gov.in या cbseacademic.nic.in पर विजिट करें।


आपको क्या लगता है, कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना ही चाहिए है? और क्या साल में दो बार बोर्ड एग्जाम कराने का आइडिया अच्छा है? कमेंट्स में बताएं।